Sale!

Bhartiya Sangeet ke Abhinn Anag (भारतीय संगीत के अभिन्न अंग (उपशास्त्रीय ,सुगम और लोकसंगीत) By Ranjana kumari jha

550.00 499.00

इस पुस्तक में भारतीय संगीत की उपशास्त्रीय सुगम और लोक संगीत का विस्तृत परिचय देते हुए सभी में स्वरलिपियां दी गयी है जिसमे कुल 87 स्वरलिपि हैं।जिसमें उपशास्त्रीय में (ठुमरी , दादरा , चैती, टप्पा, होरी, कजरी) सुगम संगीत में भजन, गीत ग़ज़ल और लोकसंगीत में जन्म से लेकर जीवन के विभिन्न संस्कार की गीत सहित स्वरलिपियां जो संगीत के नए सीखने वाले या स्नातक से स्नातकोत्तर तक की संगीत की पढाई में सहयोगी है।इसमें विद्यापति संगीत को समझाते हुए कुल 12 स्वरलिपियां हैं जो बहुत ही अच्छा है जिसे कोई भी जो थोडा बहुत भी संगीत जानता है उसे बहुत सारी कंपोजिशन मिलेगी एक ही पुस्तक में जो दुर्लभ है।

SKU: SMHB00101 Categories: ,

Description

इस पुस्तक में भारतीय संगीत की उपशास्त्रीय सुगम और लोक संगीत का विस्तृत परिचय देते हुए सभी में स्वरलिपियां दी गयी है जिसमे कुल 87 स्वरलिपि हैं।जिसमें उपशास्त्रीय में (ठुमरी , दादरा , चैती, टप्पा, होरी, कजरी) सुगम संगीत में भजन, गीत ग़ज़ल और लोकसंगीत में जन्म से लेकर जीवन के विभिन्न संस्कार की गीत सहित स्वरलिपियां जो संगीत के नए सीखने वाले या स्नातक से स्नातकोत्तर तक की संगीत की पढाई में सहयोगी है।इसमें विद्यापति संगीत को समझाते हुए कुल 12 स्वरलिपियां हैं जो बहुत ही अच्छा है जिसे कोई भी जो थोडा बहुत भी संगीत जानता है उसे बहुत सारी कंपोजिशन मिलेगी एक ही पुस्तक में जो दुर्लभ है।

Additional information

Binding

Paperback

Author(s)

Ranjana Kumari jha

Complete Book Name

Bhartiya Sangeet ke Abhinn Anag (भारतीय संगीत के अभिन्न अंग (उपशास्त्रीय ,सुगम और लोकसंगीत) By Ranjana kumari jha

ISBN

978-9385792-47-2

Language

Hindi

Product Dimension & Weight

23 x 16 x 3 cm

Publisher

Bihar Hindi Granth Academy

Total Pages

239

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Bhartiya Sangeet ke Abhinn Anag (भारतीय संगीत के अभिन्न अंग (उपशास्त्रीय ,सुगम और लोकसंगीत) By Ranjana kumari jha”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like…

Scroll Up