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Mantunma by Sunil Kumar Jha

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मन्टुनमा एक आम आदमी है। आम आदमी बूझते है ना। ए वेडनसडे वाला कॉमन मेन, कुछ कुछ वैसा। खेत की मेढ़ पर हाथों में फावड़ा उठाए किसी बेसुरे राग में चैतावर गाता एक आम इंसान।

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Description

मन्टुनमा एक आम आदमी है। आम आदमी बूझते है ना। ए वेडनसडे वाला कॉमन मेन, कुछ कुछ वैसा। खेत की मेढ़ पर हाथों में फावड़ा उठाए किसी बेसुरे राग में चैतावर गाता एक आम इंसान। जिसे ना दुनिया की फिकर है ना अपनी । कभी भीड़ में पुराने सूटकेस की तरह खो जाने वाला और कभी भीड़ से अलग बिलकुल गिटार की तरह दिखने वाला। मालिक का पोसुआ और अपने मन का मौजी। दरअसल हम सबके भीतर एक मन्टुनमा है। और यही मन्टुनमा आज कागज मे लिपटाया आप सबके सामने है।

Additional information

Author(s)

Sunil Kumar Jha

Complete Book Name

Mantunma

ISBN

978-8184018890

Language

Hindi

Product Dimension & Weight

122

Publisher

Esamaad Prakashan

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